सोमवार, 6 नवंबर 2023

पत्रकार संगठन पत्रकार की गरिमा को रखते हुए करें निष्पक्ष पत्रकारिता: अदित्य साहू

 





वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के झारखंड प्रदेश कार्यसमिति का हुआ गठन, अनंत तिवारी बने प्रदेश अध्यक्ष

मनोज प्रसाद बने प्रदेश महामंत्री, उपाध्यक्ष कुन्तलेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष बने अजय पाण्डेय

संवाददाता


रांची: राज्य में पत्रकारों की स्तिथि को मजबूत करने और उनकी समस्याओं का समाधान करने के उद्देश्य से 5 नवंबर को राजधानी रांची में विरसा चौक के समीप सेवा भारती हॉल में वर्किंग जनरलिस्ट ऑफ इंडिया के बैनर तले भारतीय मजदूर संघ सम्बद्ध वर्किग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के झारखण्ड प्रदेश कमिटी गठन को लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय उपाध्याय की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई, जिसमे राज्य भर से पत्रकारों की उपस्तिथि थी। इस बैठक का शुभारंभ राज्यसभा सांसद आदित्य साहु, बीएमएस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजबिहारी, बीएमएस संगठन मंत्री ब्रजेश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष सत्यनरायण सिंह, डब्लूजेआई के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित व भारत माता की तस्वीर पर माल्यार्पण कर किया।

इस बैठक में झारखंड प्रदेश संगठन विस्तार को लेकर चर्चा करते हुए झारखंड में संगठन विस्तार करते हुए प्रदेश संगठन का विस्तार किया गया। जिसमें वर्किग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के झारखण्ड इकाई के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अनंत तिवारी, प्रदेश महामंत्री मनोज प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष कुन्तलेस पाण्डेय, कोषाध्यक्ष, अजय पाण्डेय को बनाया गया। वहीं कार्यसमिति सदस्य के रूप में पंकज कुमार राय, सचीन केजरीवाल, जिच्छू कुमार, विश्वनाथ भगत, रूबी द्रवारी झा, अजीत कुमार, अनुज भोक्ता, शाहिद इकबाल का चयन किया गया। साथ ही जिला संयोजक के लिए साहेबगंज से गोविंद ठाकुर को निर्वाचित किया गया। इन सभी की घोषणा भारत माता के नारे के साथ बीएमएस प्रदेश अध्यक्ष सत्यनरायण सिंह ने किया। बैठक के अंत में पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकार को निश्चित मानदेय के अलावे कई मांगो को लेकर चर्चा की गई।

बता दें की इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश संगठन मंत्री ब्रजेश कुमार, प्रदेश अध्यक्ष सत्यनरायण सिंह, वर्किंग जर्नलिस्ट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय मंत्री सरोज कुमार अचार्य, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बीएमएस राजबिहारी उपातिथ रहें। मौके पर देवघर, जामताडा, गोड्डा, पाकुड़, गिरीडीह, पलामू, कोडरमा, रांची समेत कई जिले के पत्रकार उपस्थित थे।




रविवार, 10 अक्टूबर 2021

योजना राशि भुगतान के नाम पर मांगे 25 हजार।

 





साहिबगंज: प्रधानमंत्री आवास योजना हमेशा से ही सुर्खियों में रही है, मामला चाहे मजबूरों को पक्की छत दे कर उन्हे मजबूत करने का हो या फिर योजना के लिए लाभुकों के चयनकर्ताओं द्वारा अयोग्य लाभुकों का चयन करना हो। ऐसा ही एक मामला साहिबगंज नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 26 से निकल कर सामने आया है, जिसमे एक लाभुक ने यहां के सीटी मैनेजर पर गंभीर आरोप लगाते हुए बताया है की उनकी पारित योजना की प्रथम राशि को उनके खाते में भेजने के लिए सीटी मैनेजर ने उक्त लाभुक से 25000 रुपए की मांग की है, दरअसल ये मामला इतना सीधा भी नही है जितना की लग रहा है, इस मामले में उक्त लाभुक के चयन के बाद कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था की योजना के लिए चयनित लाभुक अयोग्य है और इसकी जांच होनी चाहिए, जिसके बाद इसी माह की 4 तारीक को जांच के लिए सीटी मैनेजर और अन्य अधिकारी लाभुक के द्वारा निर्माण करवाए जा रहे आवास पर जा कर मामले की जांच की, और ऐसा एक नही दो बार हुआ, और दोनों बार लाभुक को योग्य पाया गया, मगर इसके बाद भी लाभुक को योजना के लिए तय राशि का पूरी तरह से भुगतान नही किया गया, जिसके बाद मामले को ले कर छपड़ा के एक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार का उपयोग करते हुए इस संबंध में जानकारी चाही तब पता चला की लाभुक को योजना की राशि का भुगतान करने के लिए सीटी मैनेजर को 25 हजार का चढ़ावा चढ़ना होगा। इस संबंध में हमने नगर परिषद के सीटी मैनेजर से जब संपर्क किया तो उन्होंने इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा की लाभुक के द्वारा उन पर लगाया गया आरोप बे बुनियाद है, जहां तक लाभुक की राशि के भुगतान का सवाल है तो उसमे विलंब जरूर हुआ है, जिसका कारण कार्यालय का व्यस्त सेड्यूल है, फिलहाल त्यौहारों का सीजन है और वो शहर की व्यवस्था में लगे हुए हैं, मगर सवाल फिर से उठता है की लाभुक का चयन कोई दो चार दिन पहले तो हुआ नही है, और फिर मामले में दो बार अधिकारियों ने जांच भी की है, और सबसे बड़ी बात मामले में आर टी आई का किया जाना है, मतलब अगर देखा जाए तो लाभुक द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार नही कहा जा सकता है। हालांकि सीटी मैनेजर ने बार बार प्रक्रियाओं और नियमों का हवाला देते हुए कहा है की मामले में विलंब का होना सिर्फ प्रक्रियाओं से गुजरना भर है। ध्यान देने वाली बात ये है की किसी भी आर टी आई का जवाब एक महीने के अंदर दिया जाना होता है और इस मामले में आर टी आई के जवाब देने की तय समय सीमा आज समाप्त हो रही है, अब देखने वाली बात ये होगी की नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देने वाले अधिकारी इस नियम के उल्लंघन पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।

मंगलवार, 14 सितंबर 2021

नियमों की आड़ में चौपट न हो व्यापार, इस बात पर ध्यान दे सरकार।


साहिबगंज: शहर में इन दिनों विभिन्न गोदामों के शहरी क्षेत्र में होने की चर्चा जोरों की चल रही है, साथ ही इन गोदामों के आस पास रहने वाले लोगों ने इन गोदामों को लेकर अपनी तरफ से आपत्ति जताते हुए नगर परिषद से दरखास्त की है की वो इन सभी गोदामों को शहरी क्षेत्र से कहीं दूर स्थांतरित करे, जिसको ले कर कई बार जांच टीम ने इन गोदामों का निरीक्षण करते हुए गोदाम संचालकों और स्थानीय नागरिकों से मुलाकात कर इनकी समस्या को भी समझने की कोशिश की है। अब सवाल उठता है की अगर इन गोदामों को शहरी क्षेत्र से दूर किया कैसे जाए क्योंकि शहर में ज्यादातर गोदाम तो शहरी क्षेत्र में ही हैं, फिर चाहे वो किसी ज्वलनशील पदार्थ को हो या फिर कोई अन्य वस्तु या फिर किसी तरह के कल कारखाने ही क्यों न हो और इन्हें दूसरी जगह स्थांतरित करने के लिए पर्याप्त मात्रा में जगह भी नहीं है, और जहां तक इन गोदामों से होने वाली समस्या का सवाल है तो वो तो कहीं भी खड़ी हो सकती है, वैसे भी ये मामला इतना सीधा है नही जितना की लग रहा है। जानकारों की माने तो ऐसे किसी भी गोदाम को कहीं और स्थांतरित किए जाने के बाद इसका इस तरीके से विरोध कर स्थांतरित करने की मांग का चलन शुरू होने का खतरा है, क्योंकि ये समस्या किसी एक शहर या क्षेत्र की नही है, ज्यादातर शहरी क्षेत्र में अलग अलग चीजों के गोदाम और छोटे स्तर पर चलाए जाने वाले कारखाने भी हैं और यदि एक बार इस तरह की शिकायत पर सरकार या प्रशासन हरकत में आते हुए कोई करवाई करती है तो फिर संभव है की देश के हर राज्य, हर जिले, हर क्षेत्र से इस तरह की मांग उठने लगे जिससे व्यापारियों के लिए व्यापार करना न सिर्फ मुश्किल होगा बल्कि उपभोगताओं को भी इसकी मार झेलनी पड़ेगी, दूसरी समझने वाली बात ये है की शहरी क्षेत्र में यदि कोई व्यापारिक क्षेत्र हो और वहां रहने वाले नागरिकों की संख्या कम हो तो उसे व्यापारिक क्षेत्र ही माना जाता है इस लिए ऐसे क्षेत्रों में दुकानें या किसी अन्य प्रकार के गोदामों के होने पर आपत्ति दर्ज करना भी अपने अपने आप में एक सवाल है, और  जहां तक प्रदूषण, सड़क सुरक्षा नियम या फिर अन्य जरूरी नियमों के पालन करने की बात है तो उसकी जांच नियमानुसार की अवश्य जानी चाहिए मगर इसका ये मतलब नहीं होना चाहिए की किसी व्यापार को नियमों की आड़ में चौपट किया जाए। सूत्रों की माने तो इस समय देश के लगभग हर शहर में इस तरह के क्षेत्र हैं जो कहने को तो रिहायशी क्षेत्र हैं मगर इस क्षेत्रों से व्यापारिक गतिविधियों को चलाया जा रहा है, और इससे न सिर्फ सरकार को टैक्स की आमदनी होती है बल्कि स्थानीय मजदूर वर्ग को भी इसका बड़ा फायदा मिलता है, सरकार या प्रशासन को ये भी ध्यान देने चाहिए की ऐसे क्षेत्रों में कितने प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिन पर इसका सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, हम ये नही कह रहे हैं की प्रशासन ऐसे किसी भी मामले को लेकर पूरी तरह से निष्क्रियता दिखाए मगर हर चीज के हर पहलू को ध्यान में रखते हुए करवाई की जाए तो बेहतर है, आज हमने इस विषय पर दोनों पक्ष शिकायतकर्ताओं और मजदूरों से बात की एक ओर जहां शिकायतकर्ता जहां अपने जीवन को सुविधाजनक बनाने के लिए शिकायत करते दिखे तो वहीं दूसरी ओर मजदूर वर्ग अपनी रोटी के लिए जूझता दिखा। यदि ध्यान से देखा और समझा जाए तो वर्तमान में राज्य में कई ऐसे मुद्दे देखने को मिलेंगे जो इसका उद्धारण देते नजर आएंगे, इस लिए इस तरह की किसी भी ऐसी व्यवस्था को लागू करने से पहले एक बार ये समझना आवश्यक हो जाता है की भविष्य पर उसका असर क्या पड़ेगा।

शनिवार, 5 जून 2021

पर्यावरण दिवस पर किया वृक्षा रोपण।


साहिबगंज: भारत माता न्यास के केंद्रीय अध्यक्ष  सुनील शर्मा द्वारा चलाए जा रहे "पीपल का पेड़ लगाओ" अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा लगाने का संकल्प पिछली 30 जून को उनके द्वारा लिया गया था उसी अभियान के साथ आज पर्यावरण दिवस के अवसर पर सुनील शर्मा ने साहिबगंज सदर अस्पताल के प्रांगण और सूर्या नर्सिंग हॉल के मालिक डॉक्टर विजय के द्वारा इस अभियान को आगे बढ़ते हुए उनके द्वारा शोभन पुर भट्टा के पास जहां नर्सिंग मेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा स्थित पीपल के पेड़ को लगाया गया

मौके पर सदर अस्पताल भारत माता के केन्द्रीय अध्यक्ष सुनील शर्मा, अंतरराष्ट्रीय मूर्ति कर अमृत प्रकाश ,सदर अस्पताल के चिकित्सक, नर्सेस व अन्य लोग मौजूद थे

शुक्रवार, 4 जून 2021

तमिलनाडु से वापस लाई गई महिला श्रमिक

लॉकडाउन के कारण थी फंसी हुई

दुमका: जिले की 36 महिला श्रमिकों को आज तमिलनाडु से वापस दुमका प्रशासन और राज्य सरकार के सहयोग से वापस लाया गया, ये सभी महिला श्रमिक कुछ महीने पहले ही रोजगार की तलाश में तमिलनाडु के तिरुपपुर जिले में एक फैक्ट्री में काम करती थी मगर देश में लगे इस आंशिक लॉकडाउन की वजह से उनका काम बंद हो गया और तब से ये सभी वापस आने की कोशिश कर रही थी, मगर सूत्रों के अनुसार उक्त कंपनी ने इन सभी महिला श्रमिकों का आईडी कार्ड अपने पास रखे हुए थी जिसे देने से मना कर रही थी साथ ही इनकी तनख्वाह भी इन्हे नही दी जा रही थी और इनकी वापसी के लिए भी कंपनी द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जा रहा था जिसके बाद से ही ये सभी महिला श्रमिक लगातार वापसी के लिए संघर्ष कर रही थी इसी क्रम में इन सभी महिला श्रमिकों ने एक स्थानीय गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) से सहायता की अपील की जिसके बाद इस एनजीओ ने मामले की छान बीन की और इसकी जानकारी स्थानीय प्रशासन, उपायुक्त और राज्य सरकार को दी जिसके बाद सभी की पहल पर इन्हे तमिलनाडु से ट्रेन के रास्ते धनबाद तक लाया गया और फिर धनबाद से सड़क मार्ग से इन लोगों को दुमका तक लाया गया है। मगर ये इतना आसान नहीं था इसके लिए दुमका प्रशासन को तिरुपपुर के प्रशासन का सहयोग भी लेना पड़ा क्योंकि कंपनी द्वारा इन महिला श्रमिकों को छोड़ा नही जा रहा था। अब इन सभी महिला श्रमिकों की कोविड संबंधित जांच की जाएगी जिसके बाद इन सबको सात दिनों के लिए कोरेंटाइन में रखा जाएगा उसके बाद फिर इनकी जांच की जाएगी और जिनको किसी तरह की समस्या नहीं होंगी उन्हे उनके घर तक पहुंचा दिया जाएगा।

अभ्युदय अंतर्राष्ट्रीय समुह के झारखंड शाखा द्वारा काव्य संगोष्ठी का आयोजन

 अमेरिका कैलिफोर्निया से संस्था की सदस्य मंजु शर्मा हुई शामिल।

अभ्युदय अंतर्राष्ट्रीय संस्था के

झारखंड शाखा की ओर से देश विदेश के कोने-कोने से आए विभिन्न साहित्यिक विधाओं के साथ एक भजन संध्या सह काव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें झारखंड सहित देश की सम्पूर्ण भागों के साहित्यकारों ने अपनी गरिमामयी प्रस्तुति दी। 

दरअसल साहित्य की सेवा के उद्देश्य से इस कोरोना संक्रमण काल से गुजर रही इस कालखंड में जहाँ  समस्त मानव जाति त्रस्त हैं, वहीं अभ्युदय अंतर्राष्ट्रीय समुह अपने विभिन्न संस्थाओं के माध्यम से इस आपदा को अवसर में बदलने का प्रयास करते हुए कोरोना वारियर्स को सांत्वना देने व संक्रमण के दुख को भूलने हेतु ऑनलाइन भजन संध्या कार्यक्रम कार्यक्रम की शुरुआत की है और इसी क्रम में झारखंड शाखा अपने दायित्व का निर्वहन कर रही थी।इसी उद्देश्य से गुरुवार संध्या 5 बजे भजन संध्या कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

    कैलिफोर्निया अमेरिका से मंजु शर्मा की रिपोर्ट  :

कार्यक्रम की शुरुआत बंगलोर की अभ्युदय अंतर्राष्ट्रीय समुह की संस्थापक अध्यक्षा डाॅ इन्दु झूनझूनवाला के द्वारा मंत्रोचार के साथ दीप प्रज्वलित कर किया गया। तत्पश्चात कार्यक्रम का सफल संचालन करते हुए प्रो सुबोध कुमार झा ने स्वरचित  सरस्वती वंदना ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। और फिर उन्होंने मंच संचालन की अनुठी शैली प्रस्तुत कर सबके लिए चार चार पंक्तियाँ अभिवादन के लिए कहते हुए बारी बारी से सभी साहित्यकारों को मंच पर काव्य पाठ हेतु आमंत्रित किया। उत्तर प्रदेश के युवा कवि विकास द्विवेदी जो साहित्यिक मंच के संस्थापक भी हैं ने माँ भारती पर बहुत हीं सुन्दर प्रस्तुति दी। साहेबगंज से मुकेश मिश्रा ने हारमोनियम के साथ श्रीराम का भजन तथा उनके भाई ने ढ़ोल पर संगत कर शमा बांध दिया। नागपुर महाराष्ट्र से कुमकुम सिंह तथा बंगलोर से ब्रजेन्द्र मिश्रा ने क्रमशः दुर्गा माता तथा श्री कृष्ण पर आधारित भजन गाकर अपनी प्रस्तुति दी।आसनसोल पश्चिम बंगाल के अवधेश कुमार अवधेश ने द्रोपदी चीर-हरण, बंगलोर से ज्योति तिवारी तथा पल्लवी शर्मा ने अम्बे माँ तथा 'रख प्रभु पे विश्वास' के द्वारा श्रोता को प्रभावित किया। बरहरवा की ऊषा भारती सुमन जिसके नाम की घोषणा अभ्युदय अंतर्राष्ट्रीय समुह झारखंड शाखा की सचिव के लिए किया गया ने प्रकृति प्रेम पर आधारित स्वरचित रचना का वाचन कर अपनी लेखनी व वाणी की गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराने में सफल रहीं। गोड्डा की अर्पणा कुमारी ने "मुरली बजाके कान्हा " कव्वाली से सबका मन मोह लिया। हरियाणा की मंजू तंवर ने यशोदा माँ पर तथा मुम्बई से शोभा पाठक ने साईं बाबा ,कोलकाता से ऊषा पाण्डेय ने बाबा तेरे दरबार में तथा ऊषा जैन ने चुनरिया हो गई मैली भजन गाकर अपनी प्रस्तुति दी। सबसे अंतिम प्रस्तुति झारखंड  साहेबगंज के भगवती रंजन पाण्डेय की रही जिन्होंने अपने सुन्दर गीत "राधा बोली सब सखियन" गाकर अपने संचालन विधा से अलग अपनी संगीत का भी हुनर दिखाने का प्रयास किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में विभाग संघचालक विजय कुमार भारती जी ने अपनी गरिमामयी  उपस्थित उपस्थिति दर्ज की । कार्यक्रम का समापन डाॅ इन्दु झूनझूनवाला के भजन व सभी साहित्यकारों का आभार प्रकट कर हुआ। लगभग दो घंटे के कार्यक्रम में साहित्यिक सम्पूर्ण विधाओं का सभी साहित्यकारों ने प्रस्तुति देकर भारतीय साहित्य व संस्कृति व जीवन दर्शन को दिखाने की भरपूर कोशिश की। अमेरिका कैलिफोर्निया से संस्था के सदस्य मंजु शर्मा लगातार कार्यक्रम में बनी रहीं। इस कोरोना संक्रमण काल में इस प्रकार के आभाषी  कार्यक्रम से साहित्य की सेवा कर रहे साहित्यकार व पत्रकार बन्धू सराहना के पात्र हैं।

मंगलवार, 1 जून 2021

न पीने को पानी है और न चलने को सड़क, जनप्रतिनिधियों को वोट से है मतलब।

दुमक: गोपीकांदर प्रखंड से करीब 12 किलोमीटर और गोपीकांदर खरौनी मुख्य मार्ग में रोलडीह से सिर्फ 7 किलोमीटर की दुरी पर एक गांव है जिसे पहाड़िया आदिमजनजाति और संताल आदिवासी बाहुल्य गांव के रूप में जाना जाता है दो मुहल्लों और 50 घरों के इस गांव का नाम अमरपानी है मगर अफसोस इस बात का है की इस आदिमजनजाति और संताल आदिवासी बाहुल्य गांव में अब तक सभी बुनियादी सुविधाएं भी नही पहुंच पाई है इन दोनो गांवो में अब तक न तो पीने के पानी की सुवधा है और न ही चलने को अच्छी सड़क ही है, और अफसोस इस बात का है की इनकी सुध लेने वाला भी कोई नही है नेता हैं जिन्हे वोट से मतलब है वो बस चुनाव के समय ही गांव में दिखते है और प्रशासन को शायद फुरसत नहीं है इन गांव वालों की मुश्किलों को हल करने की शायद इसीलिए टेंगजोर पंचायत के अन्तर्गत पड़ने वाला यह गांव अब तक सड़क मार्ग से नही जुड़ा हुआ है. और करीब तीन किलोमीटर तक कच्ची और उबड़-खाबड़ रास्ता से इस गांव में पहुंचा जा सकता है. बता दें की इस गांव में करीब 50 घर है और पहाड़िया और संताल नाम के दो टोला है. जिनकी दूरी करीब आधा किलोमीटर है. पहाड़िया टोला में एक सोलर टंकी और एक चापाकल है. ग्रामीणों का कहना है कि चापाकल लगभग पिछले आठ वर्षो से ख़राब है और सोलर टंकी 20/30 मिनट तक ही चलती है उसके बाद इस टंकी का पानी ख़त्म हो जाता है और यहां के लोगों को प्रयाप्त मात्र में पानी नही मिल पाता है जिसके लिए संताल टोला के ग्रामीणों को करीब आधा किलोमीटर से और पहाड़िया टोला के ग्रामीणों को लगभग एक किलोमीटर की दुरी से इस उबड़-खाबड़ रास्ते पर चलते हुए डोभा का पानी पीने के लिय लाना पड़ता है. संताल टोला के ग्रामीणों का कहना है कि वे सदियों से ही डोभा का पानी पीते आये है. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि उन्हें चापानल का पानी पिए हुए आठ साल गुजर चुके है और ये चापानल भी उन्हे सिर्फ एक साल को ही नसीब हुई थी, उस एक साल के बाद और उसके पहले गुजरे सालों में इन गांव के ग्रामीणों ने अपना गुजारा डोभा के पानी से ही किया है।
 यहां तक कि पीने के लिए भी ग्रामीण इसी डोभा पर निर्भर है और प्रत्येक दिन इतनी दूरी का रास्ता तय कर करते हैं।
मगर सबसे गंभीर बात यह है की मामले को ले कर ग्रामीणों का कहना है कि डोभा का पानी पीने के लिए पूरी तरफ से साफ नही होता है हम अपनी सामर्थ्य के हिसाब से पानी को साफ करते हैं मगर फिर भी पानी पूरी तरह से साफ नही हो पाता है और मजबूरी में हमे प्रदूषित पानी जी पीना पड़ता है और इस प्रदूषित पानी पीने से गांव में अनेक तरह की बीमारियाँ होने की संभवना बना रहती है. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि गांव के सड़क मार्ग से नही जुड़ा होने के कारण ग्रामीणों और मरीजों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों का यह भी कहना है कि जन प्रतिनिधि सिर्फ चुनाव के समय ही याद करते है, उनके कार्यकर्ता गांव में आते है और यह आश्वासन देते है कि अबकी बार वोट दिजिये गांव में चापाकल लग जाएगी और जितने के बाद कोई भी काम नही करते है. ग्रामीण यह भी कहते है कि हमलोगों की सुध लेने के लिय कभी भी इस क्षेत्र के विधायक और सांसद गांव नही आये है. उसके साथ साथ ब्लॉक से भी कोई बड़े अधिकारी नही आये है. ग्रामीणों की अपने जन प्रतिनिधि, प्रशासन और सरकार से मांग है कि गांव के दोनों टोला में दो-दो पाताल बोरिंग किया जाय, संताल टोला में सोलर टंकी दिया जाय और गांव को पक्की सड़क से जोड़ा जाय. इस मौके में लिलमुनी हेम्ब्रोम,सोनती मरांडी,पार्वती मुर्मू,चुड़की सोरेन,रानी मुर्मू,सामुएल टुडू,शिबू टुडू,साकाल टुडू,अमिन किस्कू,होपना टुडू,सिनान किस्कू,बाबुराम टुडू आदि उपस्थित थे.

सोमवार, 31 मई 2021

भविष्य में पर्यावरण में होगा सुधार - सुनील शर्मा

साहिबगंज: भारत माता न्यास के केंद्रीय अध्यक्ष  सुनील शर्मा द्वारा चलाए जा रहे "पीपल का पेड़ लगाओ" अभियान के अंतर्गत आज साहिबगंज रेलवे के आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह द्वारा आगे बढ़ते हुए आज उनके द्वारा नॉर्थ कॉलोनी स्तिथ रेलवे बैरक के मंदिर प्रांगण में पीपल के पेड़ लगाए. 
सुनने में बड़ा आसान सा लगता है ये पीपल का पेड़ मगर हम आपको बता दे की ये पेड़ इतनी आसानी से हर जगह उपलब्ध नहीं है इसके लिए भारत माता न्यास से जुड़े लोगों को गली गली में घूम घूम कर इधर उधर लगे इन पीपल के पेड़ों की व्यवस्था करनी पड़ती है, पीपल के पेड़ को ही न्यास द्वारा क्यों लगाया जा रहा पूछे जाने पास सुनील शर्मा ने बताया की पीपल का वृक्ष लगाना थोड़ा कठिन जरूर है मगर इसके लगने के बाद भविष्य में पर्यावरण में काफी सुधार आएगा

और लोगों को आज जो ऑक्सीजन संबंधी समस्या हो रही है वो भी आने वाले भविष्य में समाप्त हो जाएगी मगर इसके लिए लोगों को स्वयं जागरूक होना होगा और ज्यादा से ज्यादा पीपल का वृक्षा रोपण करना होगा, कल से भारत माता सेवा न्यास द्वारा शुरू किए इस वृक्षा रोपण अभियान को आगामी 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस तक चलाया जाएगा इस दौरान न्यास के केंद्रीय अध्यक्ष सुनील शर्मा की अगुआई में पीपल के 101 वृक्षों को लगाया जाना है।
आज संपन्न हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत पूरे विधि विधान के साथ नॉर्थ कॉलोनी स्तिथ रेलवे बैरक के मंदिर प्रांगण में पूजा पाठ करने के बाद आरपीएफ इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह के द्वारा की गई जिसमे आज कुल 11 पेड़ों को नया जीवन देने के उद्देश्य से लगाया गया है।

रविवार, 30 मई 2021

भारत माता सेवा न्यास द्वारा किया गया वृक्षा रोपण, रक्षा का लिया संकल्प


साहिबगंज: भारत माता सेवा न्यास के केंद्रीय अध्यक्ष सुनील शर्मा द्वारा आज वृक्षा रोपण कार्य किया गया है जिसमे भारत माता सेवा न्यास द्वारा पीपल के 101 पेड़ों को लगाने का संकल्प लिया गया है जिसकी शुरुवात आज से की गई है जिसमे इनके द्वारा आज साहिबगंज के विभिन्न क्षेत्रों में 15 से अधिक पीपल के पेड़ों को लगाया गया है। 
सुनील शर्मा ने बताया की वर्तमान में लोगों को पेड़ पौधों का महत्व समझ में आ गया है इसलिए उन्हें इस संबंध में जागरूक होने की आवश्यकता है, एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा की पीपल के पेड़ को ही उनके द्वारा इस लिए लगाए जा रहें हैं क्योंकि इस पेड़ से 24 घंटे ऑक्सीजन को प्राप्त किया जा सकता है और वर्तमान में ऑक्सीजन की कीमत लोगों को समझ में आ गई है इसलिए आने वाले भविष्य में लोगों को ऑक्सीजन की कमी महसूस न हो इस उद्देश्य से अभी से ही इसकी तैयारी करनी होगी और इसी बात को ध्यान में रखते हुए उनके द्वारा आज से ही इन पीपल के पौधों का रोपण किया जा रहा है, उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है की जिनसे भी संभव हो वो यथा संभव अपने अपने क्षेत्रों में वृक्षा रोपण का कार्य करें जिसमे पीपल को ले कर उन्होंने ज्यादा जोर दिया, इसके अलावा उन्होंने इन 101 गोद लिए पेड़ों की पूरी तरह से देख भाल करने के प्रति भी मौके पर उपस्थित लोगों को आश्वत करवाया।

मंगलवार, 18 मई 2021

कई मामलों के आरोपी भाजपा नेता को पुलिस ने दबोचा


 गोड्डा: कई आपराधिक मामलों में वांछित भाजपा नेता सूर्या हांसदा को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने की खबर हवा में तैर रही है। चर्चा है कि भाजपा नेता को गिरफ्तार कर ललमटिया थाना में रखा गया है। सुरक्षा की दृष्टि से थाना का गेट बंद कर दिया गया है। हालांकि पुलिस द्वारा हसदा की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि होनी बांकी है।

मिली जानकारी के अनुसार,  हांसदा को बोआरीजोर थाना क्षेत्र के धनकुंडा (रानीडीह)गांव से गिरफ्तार किया गया है। वे वहां एक शादी समारोह मे शामिल होने गए थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सूर्या हांसदा को ललमटिया थाना क्षेत्र में भारी सुरक्षा के बीच रखा गया है। हालांकि इस मामले में पुलिस आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रही है। सूर्या की गिरफ्तारी के बाद गोड्डा में पुलिस अलर्ट मोड पर है।

भारी संख्या में पुलिस बल को सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। बताया जाता है कि भाजपा नेता सूर्या हांसदा पर गोड्डा के ललमटिया, बोआरीजोर, ठाकुरगंगटी थाना के अलावे साहिबगंज जिला के बोरियो, मंडरो एवं बरहेट थाना में कई मामले दर्ज हैं। अभी हाल में ही साहिबगंज के बोरियो थाना के मोतीपहाड़ी में सूर्या को पकड़ने गयी पुलिस पर भीड़ ने हमला कर दिया था।भीड़ सूर्या को पुलिस से मुक्त करा कर ले गयी थी। वहीं पुलिस पर पथराव भी हुआ था। एसडीपीओ के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। पथराव में बरहरवा एसडीपीओ पीके मिश्रा सहित कई पुलिस कर्मी घायल हुए थे।भारी विरोध के बीच पुलिस को लौट जाना पड़ा था।

मिली जानकारी के अनुसार गोड्डा के ठाकुरगंगटी थाना इलाके में अडानी पावर के पाइप लाइन में काम कर रहे वाहनों में आग लगाने के मामले में पुलिस को सूर्या की तलाश थी। वहीं साहिबगंज के मिर्ज़ाचौकी इलाके में सीटीएस कंपनी के खदान में खड़े वाहनों में आग लगाने के मामले में भी पुलिस सूर्या को तलाश रही थी। फरारी के दौरान सूर्या ने वीडियो वायरल कर साहिबगंज व गोड्डा एसपी  का पुतला दहन करते हुए 1 जून 2021 से संताल मे आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान भी किया था।

मालूम हो कि आपराधिक जगत का नामी खिलाड़ी माना जाने वाला सूर्या हांसदा विगत विधानसभा चुनाव के दौरान बोरिओ विधान सभा क्षेत्र से भाजपा का उम्मीदवार था। इसके पूर्व के दो चुनाव में श्री हांसदा बोरियो से झारखंड विकास मोर्चा के उम्मीदवार थे ।

मंगलवार, 4 मई 2021

बंगाल में लगाया जाए राष्ट्रपति शासन- सोमनाथ सिंह

जामताड़ा: अभी बंगाल चुनाव को संपन्न हुए एक हफ्ता भी नही बीता है और प्रदेश से तरह तरह की बुरी खबरों का आना शुरू हो गया है, अभी पिछली 2 मई को ही पांच राज्यों के चुनाव परिणाम आने के बाद पश्चिम बंगाल में टीएमसी पार्टी के कार्यकर्ताओं और गुंडों के द्वारा सरेआम दिनदहाड़े दुकान लूट लेने की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है वहीं भारतीय जनता पार्टी के विभिन्न क्षेत्रों में स्तिथ कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटना भी की जा रही है, साथ ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के घर में घुसकर इन टीएमसी के गुंडों द्वारा तोड़फोड़ लूटपाट आगजनी की जा रही है इसके अलावा सबसे गंभीर बात ये है की प्रदेश में टीएमसी की जीत के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या सरेआम दिनदहाड़े बिना किसी प्रशासनिक डर के की जा रही है टीएमसी कार्यकर्ताओं और उनके अन्य समर्थकों द्वारा की जा रही इन घटनाओं को ले कर प्रदेश में पूरी तरह भय का माहौल बना हुआ है जो की एक लोकतांत्रिक  देश के लिए अच्छी बात नहीं है इसी बात को ले कर आज भारतीय जनता पार्टी की जिला कमेटी ने घोर निंदा करते हुए झारखंड प्रदेश के माननीय प्रदेश अध्यक्ष जी के आदेशानुसार जामताड़ा जिले में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के द्वारा पश्चिम बंगाल में वर्तमान में फैल रही इस अराजकता का विरोध करते हुए बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की जा 

रविवार, 2 मई 2021

विवाहिता महिला के साथ दुष्कर्म मामले में शिकायत।

साहिबगंज: उधवा थाना क्षेत्र के उत्तरी बेगमगंज पंचायत अंतर्गत गोबरगाड़ी गांव में पिछले शनिवार की देर रात गाँव की एक विवाहित महिला के साथ गांव के ही एक युवक ने दुष्कर्म करने का प्रयास किया है। अब इस मामले को लेकर पीड़ित महिला द्वारा राधानगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज करवाई गई है। शिकायत में पीड़िता ने बताया कि पिछले शनिवार की रात करीब 9 बजे वह अपने घर में चौकी पर बैठी थी। इसी बीच गांव का ही आयन मंडल नामक युवक उसके घर में घुस गया और विवाहिता से उसके पति के बारे में पूछने लगा जब उसे पता चला कि पति घर पर नहीं है और उक्त महिला घर पर अकेली है तो आरोपी ने मौके का फायदा उठाते हुए उक्त महिला के साथ बलात्कार करने का प्रयास किया। 
जिसके बाद पीड़ित महिला ने खुदको छुड़ाने का काफी प्रयास किया लेकिन अपने इस प्रयास में खुदको असफल पाते देख महिला ने शोर करना शुरू कर दिया तभी उसकी आवाज सुनते ही उसके पति घर पर आया और उक्त युवक को पकड़ लिया।जैसे ही युवक को पकड़ा वह भागने की कोशिश में लग गया इसी दौरान दोनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसी बीच आरोपी ने चाकू निकालकर उसके पति पर चाकू से हमला बोल दिया, इस हमले में पीड़िता के पति के सर पर काफी चोटें आई खून बहने लगा, वहीं घटना को अंजाम देने के बाद उक्त आरोपी मौके से फरार हो गया। 
बाद में राधानगर पुलिस ने घायल युवक को इलाज के लिए राजमहल अनुमंडल अस्पताल भेज दिया, फिलहाल इस मामले की राधानगर पुलिस छानबीन कर रही है।

पत्थरों की तस्करी करते 8 वाहन जब्त, आगे भी हो करवाई।

गोड्डा: जिले में तस्करी एक काम नहीं अब उद्योग बन गया है और कुछ अपराधी प्रवृत्ति के लोग इस उद्योग का संचालन बड़े पैमाने पर  करते हैं बस इसका रूप जगह और अवश्यकता के अनुरूप बदलता रहता है, अब झारखंड के गोड्डा जिले में तस्करी करने लायक जो चीज है वो पत्थर और बालू है और इसकी तस्करी काफी बड़े पैमाने पर
हो रही है।
 और इसके लिए गोड्डा जिले से गुजरने वाली सड़कों का उपयोग इस जिले में तस्करों के लिए उपयुक्त रास्ता बनी हुई है इन पत्थरों और बालू की तस्करी के लिए यहां इस रास्ते से आए दिन पत्थर और बालू तस्करों द्वारा तस्करी को अंजाम दिया जाता है ऐसा नहीं हो सकता की इसकी खबर सरकार और प्रशासन को न हो पर मामले में दोनों ही लाचार दिख रहें हैं वरना सख्ती की गई होती तो कब का ये उद्योग बंद हो चुका होता, एक लंबे अरसे से चल रहे इस उद्योग से राजस्व का भी नुकसान हो रहा है पर कुछ जेबें भी गर्म होती है।तभी ये तस्कर रात के अंधेरे और दिन के उजाले में भी बिना किसी वैध दस्तावेज के बड़े बड़े वाहनों पर गैर कानूनी तरीके से पत्थर और बालू लाद कर एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं।
समय समय पर संबंधित विभाग के उच्चस्तरीय पदाधिकारियों द्वारा इन पर करवाई भी की जाती रही है इसी क्रम में कल देर शाम मेहरमा में अनुमंडल पदाधिकारी, माइनिंग अधिकार्रियों और स्थानीय थाने के अधिकारियों ने मिल कर 8 ऐसे वाहनों को जब्त किया जो बिना किसी वैध कागजातों के गैर कानूनी तरीके से पत्थर और बालू की तस्करी का काम कर रहे थे, जब्त किए सभी वाहन ओवरलोड थे, फिलहाल आगे की करवाई के लिए इन वाहनों को जब्त कर मेहरमा थाने लाया गया है।
पर सवाल अब भी वही है की स्थानीय प्रशासन इन तस्करों पर पूरी तरह लगाम क्यूं नही लगता है? जबकि की ये लोग सारे आम इस तरह के गैर कानूनी काम को अंजाम दे रहे हैं और राजस्व का भी इससे बड़ा नुकसान हो रहा है।

शादी के कुछ घंटों बाद ही तलाक़ तक पहुंचा मामला।

दुमका: आज शहर में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है, जबसे लोगों को पता चला है की कुछ घंटे बाद ही नवविवाहित ने तलाक की अर्जी दी है तब से लोग तरह तरह की चर्चा कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पिछली 30 अप्रैल को विवाह भवन में संपन्न हुई एक शादी कि अगली सुबह ही लड़की सदर थाने पहुंच गई जहां उसने थाना प्रभारी को बताया की ये शादी उसकी मर्जी के खिलाफ हुई है और वो अपने पति के साथ नहीं रहना चाहती, इधर जब लड़के और लड़के के घरवालों को इस बात की जानकारी हुई तो वो भी थाने पहुंचे जिसके बाद लड़के द्वारा अपनी नव विवाहित पत्नी को काफी समझाने का प्रयास किया गया मगर जब वो नही मानी तो लड़के ने भी तलाक के लिए हामी भरी जिसके बाद थाना प्रभारी ने दोनों को आपसी सहमति से तलाक लेने का सुझाव दिया।

शनिवार, 1 मई 2021

जामताड़ा जिले में मनरेगा योजना लूट की योजना बनी हुई है ; सोमनाथ सिंह !

जामताड़ा/ भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष श्री सोमनाथ सिंह जी ने आज एक कार्यक्रम में कहा कि 1 मई जिसे पूरा विश्व श्रमिक दिवस के रूप में मनाता है भारत में भी लोग इस दिन को मजदूर दिवस के रूप में मनाते हैं मजदूर दिवस का सभी मजदूर भाइयों को बधाई देते हुए श्री सिंह ने कहा कि भारत के लोकप्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मजदूर भाइयों का ख्याल रखते हुए मनरेगा के तहत सभी मजदूर भाइयों को रोजगार दिलाने हेतु काम कर रहे हैं जिसके अंतर्गत मजदूर भाइयों को रोजगार मिल भी रहा है एवं उनकी आर्थिक स्थिति भी पहले से ज्यादा ठीक हो गई है लेकिन जामताड़ा जिला में मनरेगा योजना लूट की योजना बन कर रह गई है जामताड़ा जिले के कुण्डहीत फतेहपुर नारायणपुर करमाटॉड प्रखंडों में मजदूरों के साथ साथ जेसीबी मशीन के द्वारा भी काम कराया जा रहा है जो सरासर मनरेगा योजना का उल्लंघन है और इन सभी प्रखंडों में योजना में पीसी के साथ-साथ  पगड़ी भी लिया जा रहा है यहां की कोई भी योजना में पगड़ी सबसे पहले देनी होती है तभी क्षेत्र में कोई योजना चालू होती है  आज क्षेत्र में बिना पीसी, पगड़ी के कोई भी मनरेगा का काम नहीं हो रहा है एवं एक एक व्यक्ति का दो दो जॉब कार्ड बना हुआ है एवं जिसका जॉब कार्ड नहीं बनना चाहिए उसका जॉब कार्ड बना हुआ है और जिसका बनना चाहिए उसका नहीं बना हुआ है कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि जामताड़ा जिला में मनरेगा योजना लूट की योजना बनी हुई है जिला प्रशासन इस पर तुरंत संज्ञान लेते हुए प्रवासी मजदूर और दैनिक मजदूर को रोजाना काम दिलाने का काम करें क्योंकि मनरेगा योजना केंद्र सरकार के अधीन की योजना है और इसका एकमात्र उद्देश्य मजदूरों को रोजगार देना है और वैसे भी करोना महामारी के समय प्रवासी मजदूर भी काफी संख्या में जामतारा जिला के अपने अपने घर में आए हुए हैं इन लोगों का भी ख्याल रखना जिला प्रशासन का काम है जिला प्रशासन इन्हें भी अनदेखा नहीं कर सकता है और जल्द से जल्द सभी लोगों को रोजगार दिलाने का काम करें श्री सिंह ने कहा कि अभी करोना महामारी में सभी लोगों को घर में रहना है और बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना है वह भी  मास्क लगाकर !

स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने गोड्डा जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल में अलग से 26 बेड का कोविड अस्पताल का किया उद्घाटन।

गोड्डा: जिले में इस समय समक्रमितों की बढ़ती संख्या की वजह से आ रहे बेड़ों की समस्या को दूर करने की कोशिश में आज जिले के सदर अस्पताल में आज अलग से कोविड संक्रमितों को समर्पित 26 बेड़ों का कोविड अस्पताल में उद्घाटन किया है।
इसे स्वास्थ्य मंत्री झारखंड सरकार बन्ना गुप्ता के द्वारा ऑनलाइन किया उद्घाटन कर जिले की जनता को समर्पित किया गया, इस सभी बेड़ों अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी इस बात की जानकारी उन्होंने देते हुए बताया की गोड्डा जिले में कोरोना से संक्रमित रोगियों के समुचित इलाज हेतु अब इस डेडिकेटेड कोविड अस्पताल की शुरुआत होने से यहां के लोगों को अन्य जिले एवं राज्यों मे जाने के बजाय गोड्डा जिले में ही सेवाएं उपलब्ध रहेंगी जिससे लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में महागामा अनुमंडल में डेडिकेटेड कोविड अस्पताल खोलने की तैयारी भी की जा रही है। इस अवसर पर उन्होंने जिला प्रशासन को धन्यवाद देते हुए कहा कि जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम ने मिलकर आज इसकी शुरुआत की है जो काफी सराहनीय है। आगे मंत्री बन्ना गुप्ता के द्वारा अपने संबोधन में बताया गया कि जिले में जिला प्रशासन की मदद से आज डेडिकेटेड कोविड अस्पताल शुभारंभ हो रहा है। जो जिले के लिए गौरव की बात है। इसके लिए उन्होंने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम के प्रति अपना आभार प्रकट किया। साथ ही उन्होंने बताया कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण के प्रथम चरण के समाप्त होने के बाद दूसरे चरण में हमें और भी सतर्कता बरतने की जरूरत है। जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जो भी सुझाव दिए जाएंगे मेरी ओर से पूरी कोशिश रहेगी कि उन्हें पूर्ण किया जाएगा। ताकि स्वास्थ्य सेवाओं को और भी चुस्त दुरुस्त किया जा सके। उसके लिए सरकार की तरफ से लगातार प्रयास जारी है। उन्होंने आम लोगों से अपील करते हुए कहा है कि सभी लोगों को मिलकर इस कोरोना जैसी भयानक महामारियों का सामना करना होगा तभी हम इसे दूर कर पाएंगे। 
इस अवसर पर उपायुक्त गोड्डा भोर सिंह यादव ने कहा कि जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बचाव एवं रोकथाम के लिए गोड्डा जिला मुख्यालय के सदर अस्पताल में अलग से 26 बेड का यह डेडिकेटेड कोविड अस्पताल बनाया गया है। इसमें अत्याधुनिक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यहां कोरोना संक्रमितों का बेहतर इलाज किया जाएगा।
आगे उन्होंने ने कहा कि जिले में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन युद्ध स्तर से सभी मोर्चे पर काम कर रहा है। सप्ताहव्यापी लॉकडाउन को प्रभावी बनाने के लिए जगह जगह पुलिस प्रशासन की ओर से लोगों को सतर्क किया जा रहा है, वहीं कोविड अस्पतालों में इलाजरत मरीजों के बेहतर चिकित्सा के लिए भी दंडाधिकारियों को मॉनिटरिग करने की जिम्मेवारी सौंप दी गई है। साथ ही सरकारी व निजी कोविड हॉस्पिटलों में ऑक्सीजन की कमी दूर करने के लिए ऑक्सीजन बैंक की स्थापना कर औद्योगिक प्रतिष्ठानों से भी ऑक्सीजन सिलिंडर जमा करवाया जा रहा है। इसके साथ ही सदर अस्पताल में ऑक्सीजन पाइप लाइन के जरिए कोविड वार्ड के रोगियों को ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया कराएं जा रहे हैं।उपायुक्त महोदय के द्वारा जिलेवासियों से अपील की गई कि अनावश्यक घरों से बाहर ना निकले एवं कोविड -19 के नियमों का अनुपालन करें।
सिविल सर्जन गोड्डा डॉ0 शिव प्रसाद मिश्रा ने कहा कि सदर अस्पताल परिसर में डेडिकेडेड कोविड अस्पताल को अपग्रेड किया गया है। यहां ऑक्सीजन पाइप लाइन के जरिए कोविड के रोगियों को ऑक्सीजन की सुविधा मुहैया कराई जाएगी। यहां 17 ऑक्सीजन बेड, और आइसीयू में 9 संक्रमितों का इलाज किया जाएगा। पुरुष वार्ड एवं महिला वार्ड में ऑक्सीजन, डॉक्टर, नर्स सहित अन्य सभी सुविधाएं 24*7 घंटे उपलब्ध रहेंगी।
   उद्घाटन के इस अवसर पर गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे , राजमहल के सांसद विजय हांसदा, पोड़ैयाहाट विधायक प्रदीप यादव, महागामा विधायक दीपिका पांडे सिंह, गोड्डा विधायक अमित मंडल, बोरियो विधायक लोबिन हेंब्रम ,उपायुक्त गोड्डा भोर सिंह यादव पुलिस अधीक्षक गोड्डा वाई एस रमेश, उपविकास आयुक्त गोड्डा अंजलि यादव , गोड्डा के सिविल सर्जन शिव प्रसाद मिश्रा, सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे।
साथ ही मौके पर नगर परिषद अध्यक्ष जितेंद्र कुमार मंडल उर्फ गुड्डू मंडल ,नगर परिषद उपाध्यक्ष बेणू चौबे, अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा ऋतुराज , अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गोड्डा आनंद मोहन सिंह, डेडिकेटेड कोविड अस्पताल के प्रभारी डॉ0 राजीव रंजन, विधि शाखा प्रभारी सुजीत कुमार सिंह ,जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अभय कुमार, नगर थाना प्रभारी मुकेश कुमार पांडे सहित अन्य गणमान्य मौजूद थे।

शुक्रवार, 30 अप्रैल 2021

ब्लैकमेलिंग से तंग हो लड़की ने की खुदकुशी।


गोड्डा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आज आत्महत्या या आत्महत्या के प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है जिसमे पहला मामला महावीर नगर क्षेत्र का है जिसमे एक 17 वर्षीय लड़की ने बीती रात कीटनाशक खा कर आत्महत्या कर ली, जानकारी अनुसार पिछले कुछ दिनों से इस लड़की को दो लड़कों द्वारा किसी बात को ले कर ब्लैकमेल किया जा रहा था, लड़की कल अपने किसी जानकार से मिलने के लिए घर से निकली थी मगर शाम को लड़की के घरवालों को पता चला की लड़की पोड़ैयाहाट में है और उसकी हालत काफी नाजुक है जिसके बाद लड़की को स्थानीय पीएचसी में भर्ती करवाया गया मगर स्तिथि गंभीर होने के कारण उसे सदर अस्पताल लाया गया जहां लड़की ने दम तोड़ दिया।

जिसके बाद मामले में लड़की के भाई ने नगर थाने में शिकायत दर्ज करवाते हुए बताया की पिछले कुछ दिनों से दो लड़के किसी बात को ले कर उसकी बहन को ब्लैकमेल कर रहे थे जिसकी वजह से उसने आत्महत्या कर ली, अब पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।

वहीं दूसरा मामला महगामा के आमडाड़ से सामने आया है जिसमे एक 26 वर्षीय युवक ने फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली बताया जाता है की मृतक युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ था जबकि ऐसा ही एक और मामला सरबा गांव का है जहां एक अवसादग्रस्त युवक ने कीटनाशक खा कर आत्महत्या का प्रयास किया मगर समय रहते उसे चिकित्सा प्राप्त हो गई और अभी उसका इलाज सदर अस्पताल के किया जा रहा है।

डॉक्टर पर हुआ हमला निंदनीय, दे जवाब, की जाए करवाई - खावड़े


देवघर:  बुधवार की रात को जिस प्रकार से डॉ दीपक कुमार के साथ झारखंड सरकार में मंत्री के करीबी ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जख्मी कर झारखंड की सभ्यता और संस्कृति पर दाग लगाने का काम किया, उसकी चर्चा पूरे शहर में हो रही है और सिर्फ चर्चा ही नही हो रही बल्कि साथ ही अब शहर भर में उसकी निंदा भी हो रही है, इधर मामले को ले कर भारतीय जनता पार्टी  देवघर नगर अध्यक्ष ने स्पष्ट किया है की इस विपदा की घड़ी में रात दिन एक कर लोगों की सेवा में लगे डॉक्टरों (कोरोना योद्धाओं) के साथ पूरी सहानुभूति रखते हुए पार्टी उनके समर्थन में खड़ी है तथा ऐसे कुकृत्य कर देवघर की संस्कृति पर धब्बा लगाने वाले मंत्री महोदय के करीबी पर उचित और दंडात्मक कार्यवाही करने की मांग करती है साथ ही ऐसे कुकृतियों की घोर निंदा भी करती है।  आगे पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि

जिस प्रकार से मंत्री महोदय के करीबी का रोब दिखता है तथा प्रशासन के एक वरीय पदाधिकारी द्वारा जिस प्रकार से उन्हें संरक्षित कर उनका बचाव किया जाता है यह काफी दुखद है। अब इस मामले को ले कर तरह तरह के प्रश्न भी उठ रहे हैं जबकि मामले को ले भारतीय जनता पार्टी देवघर नगर अध्यक्ष ने भी कई सवाल खड़े किए हैं जिनका जवाब ऐसे मुश्किल समय में इस तरह के कार्य करने वालों और उनको संरक्षित करने वालों को सोचना चाहिए।

मामले को ले कर नगर भाजपा की तरफ से कहा गया है की अभी कोरोना महामारी संक्रमण काल में दिन - रात अपनी सेवाएं दे रहे सभी डॉक्टरों के साथ हम और हमारी पार्टी हमेशा खड़ी है। साथ ही भाजपा ने झारखंड सरकार से सवाल पूछते हुए कहा कि, भारतीय जनता पार्टी झारखंड सरकार के मंत्री महोदय से जानना चाहती है किस कारण से मंत्री महोदय ने ऐसे दबंगों को बॉडीगार्ड मुहैया कराकर प्रशासनिक पहुंच के साथ देवघर में रखने का काम किया है? साथ ही भारतीय जनता पार्टी देवघर नगर ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ऐसे सभी प्रशासनिक पदाधिकारी जो जनता के हित को छोड़कर कोरोना योद्धाओं के विरुद्ध जाकर किसी राजनैतिक कार्यकर्ताओं की तरह कार्य कर रही है उन्हें अविलंब सेवा से बर्खास्त करने के लिए उन पर उच्चस्तरीय कार्यवाही करें और उनके ऊपर कठोर दंडात्मक करवाई करते हुए मामले के दोषियों के खिलाफ अविलंब प्राथमिकी दर्ज कर कोरोना योद्धाओं के सम्मान में कार्य करें ।

भारतीय जनता पार्टी देवघर नगर अध्यक्ष ने सभी कोरोना वॉरियर्स (सम्मानित चिकित्सकों ) से आग्रह करते हुए कहा है की किसी एक व्यक्ति के द्वारा की गलती का खामियाजा पूरे शहर को न दें । उन्होंने सभी डॉक्टर से  निवेदन किया है कि वो अपनी सेवाओं को जारी रखते हुए पहले की तरह मरीजों का इलाज करते रहें। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाते हुए कहा कि पार्टी हमेशा कोराेना योद्धाओं के साथ है और आगे भी कभी हमारी आवश्यकता पड़ी तो हम आपके साथ हमेशा खड़े मिलेंगे ।

ध्यान रहे पिछले दिनों पार्किंग को ले कर यह पूरा मामला हुआ था, फिलहाल मामले को ले कर जिले में दोषियों की काफी छीछालेदारी होनी है, परंतु देखना ये है की मामले को ले कर झारखंड सरकार और स्थानीय प्रशासन करता क्या है।

गुरुवार, 29 अप्रैल 2021

घर पहुंचे मजदूरों के शव, हुआ अंतिम संस्कार, चमोली में बदल फटने से हुई थी मौत


देवघर/दुमका: पिछले दिनों उत्तराखंड के चमोली में बदल फटने की वजह से कई लोगों की मौत हो गई थी जिसमे इन जिलों के मजदूर भी शामिल थे, अब आज सात दिनों के बाद इन मृत मजदूरों के शव को इनके पैतृक गांव पहुंचाया गया है जिसके लिए इनके परिजनों ने संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया था।

जानकारी अनुसार देवघर के पहरीडीह गांव के कुल चार मजदूरों का शव आज उनके परिजनों को सौंप दिया गया है ये सभी लोग अभी कुछ दिनों पहले ही कमाने के लिए चमोली गए थे।

मृतकों में से भूपेंद्र सिंह, रोहित सिंह, सर्किल सिंह व एक अन्य है,

वहीं दुमका जिले में भी दो मजदूरों का शव उनके परिजनों को आज सौपा गया जिसमे से एक का नाम मनोज बताया गया है जो रामगढ़ के जलवे गांव का रहने वाला था वहीं दूसरे का नाम राहुल बताया गया है जो डुमरजोर का रहने वाला था।

आज इन सभी के गांव में हाहाकार मचा हुआ था जब इनके शव इनके गांव पहुंचे तो दृश्य बड़ा ही विचलित करने वाला था परिजन ही नहीं पूरे गांव का रो रो कर बुरा हाल था।

बता दें कि इनके परिजनों के आग्रह पर मृतकों के शव को चमोली से हवाई मार्ग से रांची लाया गया उसके बाद सड़क मार्ग से एंबुलेंस द्वारा उनके गांव पहुंचाया गया, जिसके बाद आज इन सभी मृतकों का पूरे रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया गया, इस पूरे प्रकरण में इनके परिजनों का कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने काफी सहायता की साथ ही आज उन्होंने मृतकों के परिजनों को आगे बढ़ाते उनसे की जा सकने वाली सहायता करने का आश्वासन दिया।

घटना के सात दिनों के बाद इन शवों के उनके गांव पहुंचे पर माहोल पूरी तरह से बोझल हो गया है।